August 15, 2022
Gulmohar ka ped

आमतौर पर सभी लोग Gulmohar ka ped जानते होंगे क्योंकि यह इतना मनमोहक प्राप्त है लेकिन क्या आप गुलमोहर के पेड़ के अनेकों नामों को जानते हैं। गुलमोहर के पेड़ के औषधीय गुण भी है।

परिचय

Gulmohar ka ped बहुत ही सुंदर, आकर्षक और मनमोहक वृक्ष है। इसकी लंबाई लगभग 5 से 8 फिट की होती है, और इसकी लंबाई बढ़ती जाती है लगभग 45 से 50 फीट की ऊंचाई हो जाती है 10 12 सालों में। जब इस पेड़ में फूल आते हैं सभी पेड़ो से अलग ही दिखाई देता है। Gulmohar ka ped बहुत ही मजबूती से जमीन से जुड़ा हुआ होता है ऐसे कोई भी आंधी तूफान नहीं हिला सकता। परंतु इसकी लकड़ियां बहुत कमजोर होती है।

गुलमोहर के फूल गर्मियों के दिनों में आते हैं गर्मियों के दिनों में गुलमोहर के पेड़ से पत्तियां केवल नाम मात्र की ही होती है लेकिन फूल अनगिनत होते हैं। इनके फूल लाल / नारंगी और पीले रंग के होते हैं जो बहुत ही आकर्षक होते हैं इन फूलों को देख कर मन प्रफुल्लित हो जाता है गुलमोहर के पेड़ की शाखाएं बहुत लंबी और चौड़ी होती है, जो कि तनो के चारों तरफ फैली हुई होती है और राहगीरों को छाया प्रदान करती है गुलमोहर के फूल कमल के फूल भी कहा जाता है।

Gulmohar ka ped सबसे अधिक भारत में पाया जाता है भारत में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसको बड़ा होने में ज्यादा समय नहीं लगता है यह बहुत जल्दी बड़ा हो जाता है। गुलमोहर का पेड़ सदाबहार वृक्ष है। Gulmohar ka ped फूल लगभग 5 सालों के बाद देना शुरू करता है इसके फूलों को खेलने में 5 साल तो लग ही जाते हैं।

गुलमोहर के पेड़ की खास बात यह है कि जब इसकी फूल पक जाते हैं तो उसके बाद यह फल के रूप में परिवर्तित हो जाती है जिसको गुलमोहर की फली कहते हैं शुरुआत में इस की फली का रंग हरा होता है और पकने के बाद इसका रंग भूरा हो जाता है इसके अंदर से छोटे-छोटे बीज निकलते हैं जिनका उपयोग गुलमोहर का पौधा लगाने के लिए किया जाता है।

गुलमोहर का उपयोग और फायदे

गुलमोहर के फूल दो रंग के होते हैं लाल और पीले रंग के Gulmohar ka ped. दोनों फूलों का अपना अपना उपयोग और फायदा है आइए जानते हैं कैसे – 

लाल रंग के गुलमोहर के फायदे

  • दस्त को रोके – दस्त को रोकने के लिए गुलमोहर के तने की छाल का चूर्ण बनाकर उसको लगभग एक 2 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से अतिसार अथवा दस्त रोकने में मदद मिलती है
  • मासिक धर्म की समस्या – महिलाओं को मासिक धर्म से संबंधित कोई भी समस्या है तो वह गुलमोहर के तने का चूर्ण बनाकर उसकी मात्रा लगभग 2 से 4 ग्राम लेकर उसको शहद के साथ सेवन करने से मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाती है।

पीले रंग के गुलमोहर के फायदे

  • गंजेपन की समस्या – गंजेपन की समस्या से निजात पाने के लिए आपको गुलमोहर के पत्तों को पानी के साथ पीसकर उसका लेप सिर में लगाने से समस्या जल्दी दूर हो सकती है।
  • बाबासीर के इलाज में – बाबासीर के कारण बने मस्सो को ठीक करने के लिए आप पीले गुलमोहर की पत्तों को दूध के साथ पीसकर मस्सो के स्थान पर लगाने से या फिर लेप करने से अर्श ठीक हो जाता है।
  • सफेद पानी की समस्या – पीले गुलमोहर के छाल के चूर्ण को तथा उसके फूल के चूर्ण का सेवन लगभग 2 ग्राम की मात्रा में करने से सफेद पानी की समस्या या फिर धात की समस्या दूर हो जाती है।
  • बिच्छू के काटने पर – पीले गुलमोहर की जड़ को पीसकर उसे बिच्छू के डंक वाले स्थान पर लगाने से उसका विष करना कम हो जाता है।
  • सूजन को कम करें – पीले गुलमोहर के पत्तों को पीसकर उसे सूजन वाले स्थान में लगाने से व्रण की सूजन कम हो जाती है।

नुकसान

इसका कोई नुकसान नहीं होता है यह हमेशा फायदा ही देता है परंतु फिर भी किसी भी चीज का उपयोग घरेलू उपचारों के लिए करना हो तो सबसे पहले आपको अपने चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए बिना चिकित्सक के परामर्श की आपको किसी भी चीज का उपयोग नहीं करना चाहिए।

गुलमोहर का पेड़ औषधीय रूप से गुणकारी है तो इस के कौन से भाग का उपयोग करना चाहिए?

  1. गुलमोहर के पेड़ के फूल और
  1. गुलमोहर के पेड़ के तने की छाल

Gulmohar ka ped का महत्व

Gulmohar ka ped दिखने में अति सुंदर होता है। इनका अलग-अलग रंग और भी मनमोहक होता है पीले गुलमोहर और लाल Gulmohar ka ped दोनों के अपने-अपने फायदे हैं दोनों का अलग-अलग तरह से उपयोग किया जाता है यह वातावरण को शुद्ध और स्वच्छ बनाते हैं। दिखने में यह बेहद खूबसूरत होते हैं और इनके फूलों पर मधुमक्खियों और तितलियों का डेरा होता है।

गुलमोहर का पेड़ फूलों से लदा हुआ रहता है इनके फूलों को देखने से मन में बहुत शांति का अनुभव होता है और इसका अर्थ हमें यही है कि गुलमोहर शांति और सुंदरता का प्रतीक माना जाता है जो भी व्यक्ति इस पेड़ के नीचे आता है उसको एक अलग तरह की आजादी का एहसास होता है।

Gulmohar ka ped घर की दक्षिण दिशा में ही लगाना चाहिए ऐसा माना जाता है कि लाल रंग के फूलों को घर के दक्षिण दिशा में लगाना शुभ होता है यह घर के मुखिया की प्रतिष्ठा को बढ़ाता है ऐसा भी कह सकते हैं कि यह घर की प्रतिष्ठा को बढ़ाता है।

गुलमोहर का धार्मिक महत्व

धार्मिक दृष्टि से भी Gulmohar ka ped बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है आइए जानते हैं गुलमोहर का धार्मिक महत्व

  • गुलमोहर के फूलों का उपयोग भगवान कृष्ण के मुकुट को सजाने के लिए किया जाता है भगवान कृष्ण को बहुत ही प्रिय है।
  • भगवान कृष्ण को प्रिय होने की वजह से इन्हें संस्कृत भाषा में ‘कृष्ण चूड़’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • गुलमोहर के फूल इतने सुंदर होते हैं कि इन्हें ‘स्वर्ग के फूल’ भी कहा जाता है।
  • Gulmohar ka ped जितना सुंदर होता है उसके नाम भी उतने ही अनोखे होते हैं संस्कृत भाषा में गुलमोहर को ‘राज आभरण’ भी कहते हैं जिसका अर्थ यह होता है ‘राजसी आभूषणों से सजा हुआ’।

निष्कर्ष

Gulmohar ka ped बहुत ही अद्भुत होता है इसको देखने मात्र से मन में एक अजीब सी शांति महसूस होती है मन प्रफुल्लित हो जाता है हमने आपको गुलमोहर से जुड़ी सारी जानकारियां दी आशा करते हैं आपको हमारी पोस्ट Gulmohar ka ped पसंद आई होगी।

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1 thought on “क्या Gulmohar ka ped शुभ हैं?

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