August 15, 2022
Chandan ka ped

Chandan ka ped चंदन एक ऐसा तत्व हैं, जो आर्थिक रूप से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता हैं। Chandan ka ped बहुत ही पवित्र माना जाता हैं। चंदन विशेषकर अपनी खुशबू के कारण जाना जाता हैं।

परिचय 

Chandan ka ped लगभग 19 से 20 मीटर तक ऊंचा या फिर लंबा होता हैं। चंदन के वृक्ष जैसे-जैसे बढ़ता हैं, उसके साथ ही इसके तानो और जड़ों की लकड़ियों में सुगंधित प्रकार का तेल भी निर्मित होने लगता हैं। Chandan ka ped को पूर्णता बढ़ने में लगभग 1 साल लगते हैं।

चंदन के प्रत्येक भाग को उपयोग में लाया जाता हैं। इसी कारण Chandan ka ped बहुत ही उपयोगी माना जाता हैं। इसके प्रत्येक भाग को बेचा जाता है इसलिए यह आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। कर्नाटक के जंगलों में सर्वाधिक मात्रा में चंदन का पेड़ पाया जाता हैं।

चंदन के पेड़ की लकड़ियां बहुत ही भारी होती हैं, और पीले रंग की होती हैं। इसकी लकड़ियां महीन दानो जैसी दिखाई देती है और जिनसे बहुत अच्छी खुशबू आती हैं। चंदन के पेड़ की लकड़ी में बहुत ही महंगी होती हैं। Chandan ka ped बहुत ही मूल्यवान होता हैं।

चंदन के फायदे

  • दिमाग को शांत रखता हैं, और एकाग्रता बढ़ाता हैं इसलिए इसे धार्मिक कार्यों में उपयोग किया जाता हैं। 
  • Chandan ka ped या फिर चंदन की लकड़ी एक एंटी इन्फ्लेमेटरी की तरह काम करता हैं। घावों पर पर चंदन लकड़ी घिसकर उसका लेप लगाना चाहिए क्योंकि चंदन की लकड़ी में संतालोल नाम का तत्व पाया जाता हैं।
  • चंदन एंटीवायरल और एंटीसेप्टिक की तरह भी काम करता हैं यह सर्दी बुखार खांसी और दूसरे वाले संकटों से हमें बचाता हैं।
  • पेट से संबंधित कोई भी बीमारी हैं तो वह इससे ठीक की जा सकती हैं या फिर ऐंठन को दूर करता है पेट की मांसपेशियों को आराम दिलाता हैं। 
  • ऐसा माना जाता हैं, यह त्वचा को बहुत नरम, कोमल और चमकदार बनाता हैं। इसका लेप करने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता हैं। 
  • चंदन की लकड़ी से हम संक्रमण को दूर रख सकते हैं इसके लिए कपड़े धोते समय या फिर घर को साफ करते समय चंदन का उपयोग करना चाहिए इससे रोगाणु या फिर वायरस दूर रहते हैं जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता हैं। 

Chandan ka ped और उसके औषधीय गुण 

  • आंखों की बीमारी – चंदन एक बहुत ही महत्वपूर्ण और उपयोगी जड़ी बूटी हैं। अगर चंदन को बहुत सी और औषधियों के साथ मिश्रण करके लगाया जाए तो इससे मोतियाबिंद या फिर आंखों में पर्दे की समस्या दूर हो जाती है औषधीय जैसे भृंगराज, निर्गुंडी, नीम,सटपति मधु सोभंजना इत्यादि।
  • अल्सर – चंदन का उपयोग करके हुम् अल्सर जैसे समस्या को भी दूर कर सकते हैं इसके अर्क का उपयोग किया जाता हैं जिससे कि पेट की किसी भी समस्या से राहत मिल जाती हैं।
  • दांतों की समस्या – यदि किसी के दांत में दर्द हैं, मसूड़ों में दर्द हैं, या फिर सूजन हैं, तो उसके लिए चंदन का तेल बहुत ही उपयोगी माना जाता हैं। इसका तेल का स्वाद बहुत ही कसैला होता है जिसके कारण यह दांतो से जुड़ी कोई भी समस्या को आसानी से दूर कर सकता हैं।
  • खुजली– यदि किसी जीव – जंतु कीड़े के काटने पर आपको खुजली हो रही हैं या फिर आपकी त्वचा में खुजली की कोई भी समस्या है तो उस पर चंदन की लकड़ियों का लेप लगाकर आप की त्वचा को बहुत ही शीतलता मिलेगी जिसके कारण उपाय खुजली बंद हो जाती हैं। 
  • शरीर की गंध – चंदन का उपयोग बहुत सी क्रीम,इत्र, डियो आदि के रूप में भी किया जाता है जिसकी वजह से हम अपने शरीर की दुर्गंध को दूर कर सकते हैं।
  • थकान को दूर करें – चंदन के तेल से मालिश करने से हमारा तनाव और थकान दूर हो जाते हैं। 
  • त्वचा के लिए – आज के भागदौड़ भरे जमाने में हम अपनी त्वचा का अच्छे से ध्यान नहीं रख पाते धूल मिट्टी प्रदूषण के कारण हमारी त्वचा वक्त से पहले ही खराब होने लगती है या फिर मुरझाने लगती है हम चंदन का उपयोग करके अपनी त्वचा को पहले जितना कोमल और चमकदार बना सकते हैं त्वचा को निखार सकते हैं यह हमारी त्वचा में कसाव को उत्पन्न करता है जिससे लटकी हुई त्वचा की समस्या दूर हो जाती हैं।

नुकसान 

  • हमे चंदन का उपयोग अधिक मात्रा में भी नहीं करना चाहिए इसका उपयोग अत्यधिक करने से त्वचा से संबंधित विकार पेट से संबंधित विकार उत्पन्न हो जाते हैं।
  • अगर आपकी त्वचा बहुत ही सेंसिटिव हैं तो आपको चंदन का उपयोग ज्यादा नहीं करना चाहिए ।
  • गर्भावस्था में चंदन का उपयोग या फिर सेवन नहीं करना चाहिए यह बच्चे के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता हैं। 

धार्मिक महत्व

  •  चंदन की लकड़ी का लेप भगवान भोलेनाथ को लगाया जाता हैं,चंदन की लकड़ियों में शीतलता का गुण पाया जाता हैं जिसके कारण भगवान शंकर को अति प्रिय होता हैं। 
  • चंदन धार्मिक दृष्टि से बहुत ही पवित्र और उपयोगी माना जाता हैं। अगर आपकी कुंडली में राहु की स्थिति अशुभ है तो आपको चंदन का लेप लगाना चाहिए ऐसा माना जाता है कि राहु सांपो का फन हैं चंदन की लकड़ी के ऊपर सांपों के विष का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। 
  • यदि आप अपने दुश्मनों से बहुत ज्यादा परेशान हैं और आप उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप अपनी कलाई में रक्षा सूत्र में चंदन लगा कर रखें इससे आपको शत्रुओं से कोई हानि नहीं होगी।
  • यदि आपकी कुंडली में गुरु की दशा बहुत ही कमजोर है तो आपको रोज सुबह शाम चंदन के पानी से नहाना चाहिए इससे गुरु मजबूत होते हैं और आपका विवाह भी जल्दी होगा और गुरु दोष भी दूर हो जाएगा।
  • भगवान हरि विष्णु और भगवान श्री कृष्ण को चंदन का तिलक करने से हमारी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं ।
  • चंदन की माला नियमित रूप से गले में पहनने से हम पर भगवान हरि विष्णु की कृपा सदा बनी रहती हैं
  • सूर्य भगवान को जल चढ़ाते समय आपको अपने जल में लाल फूल और लाल चंदन मिलाकर ही जल चढ़ाना चाहिए इससे उनकी नाराजगी दूर हो जाती हैं।और हमारा जीवन सफल हो जाता हैं।
  • चंदन के पाउडर को हवन में मिलाकर हवन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती हैं। 
  • अगर आप किसी को नजर लगने से बचाना चाहते हैं तो उनके कहीं बाहर जाने के पहले या फिर उनके तैयार होने के बाद उन्हें चंदन से तिलक करें या फिर उन्हें चंदन लगाएं इससे उन्हें नजर नहीं लगेगी।

उपयोग

  • चंदन की लकड़ी का उपयोग मूर्ति बनाने में किया जाता है क्योंकि यह सुगंधित होती हैं और मजबूत होती हैं।
  • चंदन की लकड़ियों से साज-सज्जा सामान भी निर्मित किया जाता हैं।
  • इसका इत्र भी बनाया जाता हैं जिसको लगाने से हमारा शरीर सुगंधित हो जाता हैं।

निष्कर्ष 

किसी गर्भवती महिला को चंदन का सेवन करने से पहले उन्हें डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए, क्योंकि इसका सेवन करना उनके गर्भ के लिए नुकसानदायक हो सकता हैं।वैसे तो चंदन बहुत ही सुगंधित और आर्थिक दृष्टि से भी गुणकारी माना जाता हैं पर सर्वाधिक मात्रा में किसी भी चीज का उपयोग नहीं करना चाहिए।

चंदन का पेड़ लगाने से हमारे चारों तरफ खुशबू फैल जाती हैं चंदन के पेड़ में अक्सर सांप लिपटे हुए होते हैं क्योंकि सांपों को चंदन की खुशबू अपनी ओर आकर्षित करती हैं। आशा करते हैं आपको हमारी यह पोस्ट Chandan ka ped पसंद आई होगी।

1 thought on “Chandan ka ped कितना लाभदायक हैं?

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