August 15, 2022

Babool ka ped औषधीय रूप से बहुत ही गुणकारी माना जाता हैं। चिकित्सक भी बबूल का इस्तेमाल करने की सलाह देते इससे हमारे दांत स्वस्थ रहते हैं यह हमारे दांतो को पीला होने से नहीं बचाता है लेकिन इसके कुछ फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी नहीं है आइए जानते हैं।

परिचय 

Babool ka ped कोई साधारण पेड़ नहीं हैं, औषधीय गुणों से भरपूर होता है यह पेड़ हमें निरोग रखता है और हमारे दांतो को भी स्वस्थ रखता हैं। बबूल के पेड़ के बारे में सभी लोग जानते होंगे ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा जिसने बबूल का नाम ना सुना हो।

प्राचीन काल से ही बबूल का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता हैं। Babool ka ped बहुत ही विशाल वृक्ष होता है इस के पेड़ में कांटे होते हैं बबूल के पेड़ के फूल पीले रंग के होते हैं इसके फूल गुच्छो के समान दिखाई देते हैं यह केवल गर्मियों के मौसम में ही आते हैं।

Babool ka ped और उनकी प्रजातियां 

बबूल  के पेड़ की लगभग 2 प्रजातियां होती हैं ।

  1. त्रिकंटकी, श्वेत खदिरी Babool ka ped– यह बबूल की प्रजाति मानी जाती है बबूल की तरह दिखता है पर उसका वृक्ष छोटा होता हैं। इसमें भी कांटे पाए जाते हैं इसका उपयोग चिकित्सा के लिए किया जाता है इसकी छाल बहुत ही पतली होती है एक औषधि की तरह उपयोग में लाई जाती हैं।
  1. क्षुद्र बर्बुर, क्षुद्र किंकिरात Babool ka ped- यह व बबूल की ही प्रजाति हैं परंतु यह लंबा होता है और झाड़ियों के समान दिखता हैं। इसमें भी कांटे लगे होते हैं इसके पत्ते दिखने में बबूल की तरह होते हैं पर असल में यह के पत्ते बहुत ही बड़े होते हैं। और बहुत गहरे हरे रंग के होते हैं इसके पीले रंग के होते हैं।

 फायदे

  • अधिक पसीना आने की समस्या – अगर है तो बबूल के पत्तों का पेस्ट बनाकर का लेप लगाने से पसीने का आना कम हो जाता हैं।
  • अगर शरीर के किसी भी अंग में जलन हो रही हो और आप से छुटकारा पाना चाहते हैं तो उसका काढ़ा बनाकर उसमें मिश्री मिला लें फिर इसका सेवन करें इससे आपको काफी लाभ मिलेगा ।
  • कमर दर्द की समस्या – यदि आपको कमर में बहुत अधिक दर्द हैं और आप उससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप बबूल का इस्तेमाल इस प्रकार करें और की छाल बबूल की फली और तनो को बराबर मात्रा में मिलाकर इसका पेस्ट बनाकर को पीस लें और एक चम्मच सुबह शाम लगभग 3 बार सेवन करें इससे काफी राहत मिलेगी।
  • यदि आप दाद खाज खुजली से छुटकारा पाना चाहते हैं बबूल के फूलों का रस निकालकर या फिर वहीं के फूलों को पीसकर के बाद खुजली पर लगाने से खुजली ठीक हो जाती हैं बबूल के पत्तों का पेस्ट बनाने के बाद उसे घाव पर लगाने से घाव ठीक हो जाते हैं।

बबूल के कौन-कौन से भागों को उपयोग में लाया जा सकता है यह जानते हैं।

  • बबूल के पेड़ की फली 
  • बबूल के पेड़ के पत्ते 
  • बबूल के पेड़ के तने 
  • Babool ka ped का तना और उसकी छाल

बबूल को किस तरह से इस्तेमाल किया जाता है?

  1. तना – बबूल के तने का काढ़ा बनाकर इसको इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मात्रा लगभग 50 से 16 मेल होनी चाहिए।
  1. चूर्ण – बबूल का चूर्ण बनाकर देश इस्तेमाल किया जाता हैं। इसकी मात्रा लगभग 2 से 6 ग्राम ही होनी चाहिए।
  1. गोंदBabool ka ped गोंद भी देता है और उसकी गोंद का उपयोग लगभग 3 से 6 ग्राम की मात्रा में ही करना चाहिए।

नुकसान 

  • बबूल का अत्यधिक सेवन करने से संबंधित विकारों की उत्पत्ति हो जाती है स्तन कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती हैं।
  •  इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से गुदा रोग जैसी समस्याएं भी होने की संभावना होती हैं।
  •  यह मुंह का स्वाद खराब कर देता हैं इसलिए बबूल की गोंद का सेवन अत्यधिक नहीं करना चाहिए।
  • बबूल की गोंद का सेवन हद से ज्यादा करने से लूज मोशन (दस्त) जैसी समस्या होने लगती हैं।
  •  बबूल की गोंद का अधिक इस्तेमाल करने से शरीर में सूजन आ सकती हैं। इससे एलर्जी भी होने की संभावना होती हैं इसलिए इनका उपयोग करने से बचना चाहिए।

उपयोग (Uses)

आइए जानते हैं बबूल का पेड़ कितना उपयोगी है इसके कौन-कौन से भाग हमें उपयोग में ला सकते हैं बबूल के पेड़ से गोंद निकलती है जिसका उपयोग पर शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आ जाता हैं।

बबूल की गोंद का उपयोग

  • बबूल की गोंद को दही में मिलाकर खाने से शरीर स्वस्थ रहता और दही बहुत ही स्वादिष्ट बन जाता हैं।
  •  बबूल की गोंद को भूनकर खाने से बहुत ही स्वादिष्ट हो जाती हैं,और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी भी सिद्ध होती हैं।
  •  गोंद के लड्डू बनाए जाते हैं जो बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं।
  • जो लोग सुप का सेवन करते हैं वह जरुर जानते होंगे सुप को गाढ़ा बनाने के लिए गोंद का उपयोग किया जाता हैं।
  • बबूल की गोंद का सेवन पानी के साथ भी कर सकते हैं यह हमारे लिए बहुत ही फायदेमंद होता हैं।
  • बबूल की गोंद में गैलेक्टोज, एल्डोबियो यूरोनिक एसिड कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं।

औषधीय गुण

वैसे तो Babool ka ped का प्रत्येक भाग औषधीय गुणों से भरपूर होता हैं। खासकर इसकी गोंद का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है आइए जानते हैं कैसे

  • वजन घटाने में – मोटापा कम करने के लिए बबूल की गोंद को पानी के साथ सेवन करने से हमारे शरीर में वसा की मात्रा कम होने लगती हैं जिससे हमारा वजन घटने लगता हैं।
  • मधुमेह – जो लोग अपनी मधुमेह की बीमारी से परेशान हैं और उससे छुटकारा पाना चाहते हैं या फिर इसको नियंत्रित करना चाहते हैं तो वह घरेलू उपचार के रूप में बबूल की गोंद का उपयोग कर सकते हैं इसका नियमित रूप से सेवन करने से सीमित मात्रा में सेवन करने से लाभ मिलता है मधुमेह रोगियों को।
  • तनाव – आजकल की भागदौड़ भरी दुनिया में तनाव बहुत अधिक हो जाता हैं, बहुत अधिक चिंता होती है हमारे भविष्य की ऐसा माना जाता है कि चिंता करने का प्रभाव कम हो जाता है और हमारा तनाव भी कम हो जाता हैं।
  • कैंसर – अगर कोई कैंसर की समस्या से परेशान है और उसके शुरुआती दौर चल रहा हैं तो वह बबूल की गोंद का इस्तेमाल करना शुरू कर दें इससे कैंसर के उपचार में काफी मदद मिलती हैं।

निष्कर्ष 

वैसे तो बबूल के फायदे ही फायदे हैं लेकिन अगर देखा जाए तो इसके कुछ नुकसान भी होते हैं सर्वाधिक मात्रा में किसी भी चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर आप किसी भी चीज का अत्यधिक इस्तेमाल कर रहे हैं तो सबसे पहले आप अपने चिकित्सक का परामर्श जरूर ले यह हमारे स्वास्थ्य की बात होती है इसलिए हमें इस पर जरूर ध्यान देना चाहिए किसी भी चीज को उपयोग करने से पहले उनका दिशानिर्देश जान लेना आवश्यक होता हैं आशा करते आपको हमारी यह पोस्ट Babool ka ped जरूर पसंद आई होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.