क्या Ashok ka ped शुभ है?

Ashok ka ped बहुतआकर्षक होता है जिसका उपयोग घर में सजावट के तौर पर किया जाता है आपने बहुत सारी जगह देखा होगा कि बाग बगीचों के किनारे और घर के बगीचों में Ashok ka ped लगाया जाता है इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

परिचय (Introduction)

Ashok ka ped 28 से 30 फुट तक लंबा होता है। Ashok ka ped घर की सजावट के लिए काम आता है। अशोक का पेड़ धार्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्व रखता है यह हिंदू और बौद्धों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है इसका उपयोग घरों की बाउंड्री को सजाने के लिए किया जाता है।

Ashok ka ped बहुत ही सुंदर और मनमोहक दिखता है जिसको देखकर लोग आकर्षित होते हैं जिससे आपके घर की शोभा बढ़ जाती है और वह बहुत ही अच्छा दिखाई देने लगता है पतझड़ के मौसम में भी इसके पत्ते हरे भरे रहते हैं।

Ashok ka ped सदाबहार पेड़ों की श्रेणी में आता है अशोक के पेड़ को घर में लगाना शुभ माना जाता है। अशोक का पेड़ का वानस्पतिक नाम ‘सरका असोच’ है अशोक के पेड़ का अर्थ होता है सभी दुखों से राहत दिलाने वाला इसलिए ऐसे घर में लगाना चाहिए।

Ashok ka ped का फूल गुच्छो के समान होता है, दिखने में बहुत ही आकर्षक लगता है यह जितना सुंदर होता है उतना ही लाभकारी होता है इसको हेमपुष्पा भी कहा जाता है यह बसंत के मौसम में खिलते हैं।

Ashok ka ped सर्वाधिक बाग बगीचों में ही लगाया जाता है। क्योंकि यह छाया प्रदान करता है और इसकी गिनती छायादार वृक्षों में होती है इस पेड़ की पत्तियां बहुत ही घनी होती है।

अशोक के पेड़ की कितनी प्रजातियां होती है?

Ashok ka ped की लगभग 2 प्रजातियां होती है जिनका अपना अपना उपयोग और विशेषताएं हैं।

  • इसकी एक प्रजाति का उपयोग दवाई के लिए किया जाता है किस के पत्तों का रंग हल्का तांबे की तरह होता है और इस पेड़ को ताम्रपल्लव भी कहा जाता है इस पेड़ में लाल तथा नारंगी रंग के फूल खिलते हैं।
  • दूसरी प्रजाति का उपयोग घर में सजावट के तौर पर किया जाता है। इसके इसके पत्तों का रंग गहरा हरा होता है इस पर सुंदर सफेद रंग के फूल खिलते हैं।

औषधीय गुण (Medicinal properties) – 

Ashok ka ped औषधीय गुणों से भरपूर होता है। अशोक का पेड़ औषधि के नाम से ही जाना जाता है इसके प्रत्येक भाग में औषधीय गुण होता है।

  • त्वचा के लिए लाभदायक – अगर त्वचा में जलन हो रही है तो आपको अशोक के पत्तों को और उसकी फूलों को पीसकर उसका लेप जलन वाले स्थान पर लगाने से आप की जलन कम हो जाएगी और त्वचा भी साफ हो जाएगी अशोक में कुछ ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर की गंदगी को साफ करने में मदद करते हैं इससे खून भी साफ होता है इसमें एंटीबायोटिक गुण पाया जाता है।
  • दस्त को रोके – Ashok ka ped लूज मोशन को रोकने में काम आता है इसमें एंटी डायरियल गुण पाया जाता है जिसकी वजह से लूजमोशन, डायरिया और दस्त जैसी समस्या दूर हो जाती है।
  • सांस फूलने की समस्या – सांस फूलने की समस्या से राहत पाने के लिए अशोक के बीज का चूर्ण बना लें फिर लगभग 60 ग्राम बीज के चूर्ण को पान के बीड़े में डालकर उसका सेवन करें।
  • शरीर के दर्द से राहत दिलाये – अक्सर बहुत सारा काम करने की वजह से या थकान होने की वजह से शरीर में दर्द होने लगता है कमजोरी की वजह से भी शरीर में दर्द होता है इसको दूर करने के लिए आपको अशोक के पत्तों का काढ़ा बनाकर उसका सेवन करना चाहिए काढ़े की मात्रा केवल 19 से 20 ml की होनी चाहिए इससे आपको तुरंत आराम मिलेगा।
  • यादाश्त को तेज करें – अगर आप अपनी याददाश्त को तेज करना चाहते हैं आप बहुत जल्दी से बहुत सारी बातें भूल जाते हैं तो आपको इसके लिए अशोक के पेड़ की छाल और ब्राह्मी चूर्ण को बराबर मात्रा में मिलाकर एक चम्मच सुबह और शाम दूध के साथ सेवन करना चाहिए।
  • टूटी हुई हड्डी को जोड़े – टूटी हुई हड्डी को भी जोड़ने में अशोक मदद करता है इसके लिए आपको 5 से 7 ग्राम अशोक का चूर्ण बनाना है फिर उस चूर्ण को दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करना है इसका सेवन करने से ही कुछ दिनों में आप की टूटी हुई हड्डी जुड़ जाएगी।

धार्मिक महत्व

Ashok ka ped धार्मिक दृष्टिकोण से भी बहुत ही पवित्र माना जाता है इसको घर में लगाना शुभ माना जाता है आइए जानते हैं और क्या इसके धार्मिक महत्व है।

  • हिंदू धर्म में Ashok ka ped बहुत ही पवित्र माना जाता है यह शुभ फलदाई होता है।
  • मांगलिक और शुभ कार्य में अशोक के पेड़ के पत्तों का ही उपयोग किया जाता है।
  • ऐसा कहा जाता है कि शुभ मुहूर्त में अशोक के पेड़ की जड़ को धारण करने से मनुष्य को सभी शोकों से मुक्ति मिल जाती है।
  • Ashok ka ped उत्तर दिशा में ही लगाना चाहिए उत्तर दिशा को शुभ माना गया है और यह सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
  • शास्त्रों के अनुसार ऐसा कहा गया है कि घर में Ashok ka ped सुख और शांति का प्रतीक होता है इसे अकाल मृत्यु का खतरा दूर हो जाता है।

अशोक के पेड़ के उपयोग की भाग कौन-कौन से है?

  • अशोक के पेड़ की छाल
  • अशोक के पेड़ का पत्ता
  • अशोक के पेड़ के फूल
  • अशोक के पेड़ के बीच अधिक उपयोग में लाया जाता है।

औषधि के रूप में अशोक का उपयोग कैसे करना चाहिए?

औषधि के रूप में अशोक के पेड़ के बीज का चूर्ण छाल का काढ़ा और फूलों के चूर्ण का उपयोग किया जाता है। आइए जानते हैं कैसे 

  • अशोक के बीज के चूर्ण की मात्रा केवल 2 से 4 ग्राम ही होनी चाहिए।
  • अशोक के फूल चूर्ण की मात्रा केवल 1 से 3 ग्राम होनी चाहिए।
  • अशोक के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर उसका सेवन केवल 50ml की मात्रा में ही करना चाहिए।

नुकसान(Side effects)

  • इसका उपयोग करना महिलाओं के लिए गलत साबित हो सकता है क्योंकि यह मासिक धर्म के ना होने की समस्या को और बिगाड़ देता है।
  • रोगियों का उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह लेना चाहिए।
  • इसका घरेलू उपचार का उपयोग गर्भवती महिलाओं को नहीं करना चाहिए उनके लिए और उनके शिशुओं के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

किसी भी चीज का इस्तेमाल एक सीमित मात्रा में ही करना चाहिए तो हम आपको यह सलाह देंगे अशोक का इस्तेमाल अगर आप घरेलू उपचार के रूप में कर रहे हैं तो इसकी एक सीमित मात्रा ही रखें और कृपया अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य ले आशा करते हैं आपको हमारी यह पोस्ट Ashok ka ped पसंद आई होगी।

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